Cover page: अपनी बात ‘काव्‍य संग्रह’ द्वारा कुमार आदित्‍य

अब आप मांगा सकते हैं अपनी बात ‘काव्य संग्रह’ घर बैठे Genre: Poetry Language: Hindi Format: Paper Back Publisher: Uttakarsh Prakashan (2012) MRP: 100 Offer Price: 80* Shipping Details: Free (*anywhere in India) Pages: 96 ORDER NOW Payment Options: 1. NET BANKING: Transfer SUM of Rs 80/- from your Net Banking Account to: Account Name:…

मंगलायतन का सफर…

25 फरवरी 2012 की रात लंबी लड़ाई के बाद। चादर तान के सोने की कोशिश करने लगा। लेकिन नींद निगोड़ी नाम कहां ले रही थी आने का। फिर भी सो गया मैं नहीं मेरा शरीर। मैं भटकता रहा। किसी तरह तन्‍हाई में गुजर ही गई ये रात। 26 फरवरी की सुबह जल्‍दी जाग गया, रात…

जैसो बंधन प्रेम कौ, तैसो बंध न और

प्रेम का अर्थ है किसी अस्तित्व को इस कदर टूटकर चाहना कि उसके अस्तित्व में ही अपनी हर ख्वाहिश का रंग घुलता हुआ महसूस हो। यही प्रेम है जो रामकृष्ण ने मां शारदामणि से किया,यही वह प्रेम है जिसने राधा-कृष्ण को विवाह बंधन में न बंधने के बाद पूज्य बना दिया। प्रेम परमेश्वर का रूप…

मन के उल्लास का वसंत…

प्रकृति का कण-कण खिलखिला उठा है। मानवी चेतना में ताजगी, पक्षियों की कलरव, पीली-पीली सरसों, पेड़ों का श्रृंगार बनकर उभरी नई कोपलों की मनमोहनी छवि उल्लासित कर रही है। आम के पेडों में उठती आम्र मंजरी की मनोहरी सुगंध और कोयल की कूहकूह मन को तरंगित कर रही है। हर और खुशियों का मौसम है।…