तत्वामसि………

मानक

Kal Halki Halki Barish thi

जब, मैं और तुम,
एक ही हैं
फिर मेरे हराने,
या तुम्‍हारे जीतने से,
कोई फर्क नहीं पड़ता,
तुम्‍हारा हारना हुआ,
मेरा हारना हुआ,
और तुम्‍हारी जीत,
मेरी जीत होगी,
फिर ये होड़ कैसी है,
तेज दौड़ने की,
तुम्‍हें याद होगी न
बचपन की कहानी,
एक खरगोश था
और था एक कछुआ,
अगर दोनों साथ चलते,
तो लोग उनकी मिसाल देते,
पर एक हार गया,
और एक जीत गया,
हां एक बात और भी है,
इस कहानी की,
तेज चलने वाले,
जल्‍दी थक जाते हैं,
और जिन्‍हें तय करनी है,
लम्‍बी दूरी,
वो साधे और मजबूत,
कदम आगे बढ़ाते हैं,
हां विजेता भी वही होते हैं,
अब तय तुम्‍हें करना है,
विजेता बनाना है,
या थककर हार जाना है,
चयन तुम्‍हारा है,
पर एक बाद याद रखना,
मैं, तुम और हम दोनों,
एक ही हैं।——————————————-आदित्‍य शुक्‍ला